Q


Complete post

राजस्थान के दीपशिखा एजुकेशन ग्रुप के मालिक प्रेम सुराना की बेटी शुभांगना राज सावलानी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई।सुबह उनकी बॉडी उनके बंगले पर फंदे से लटकती मिली। 40 साल की शुभांगना उर्फ रुचिरा की वेल्थ करीब 100 करोड़ रुपए थी। शुभांगना की हत्या होने का शक है। मौके के हालात और नौकरानी की बताई जा रही कहानी से इस केस में नया मोड़ आ सकता है। अब पुलिस शुभांगना के केस जांच इस एंगल से कर सकती है कि कहीं उन्हें बेहोशी में गला दबाकर फंदे से तो नहीं लटकाया गया था।

रात को आई थी झगड़ने की आवाज-

शुभांगना खुद जसोदा देवी कॉलेज एंड इंस्टीट्‌यूशन्स की चेयरपर्सन थीं। रात किसी वक्त उनकी मौत हुई। मौत का पता शनिवार सुबह बेटे मिहिर सावलानी और नौकरानी को चला जब वे अपने कमरे से बाहर नहीं निकलीं। कमरा खोले जाने पर शुभांगना फंदे से लटकती मिलीं।शुभांगना के पिता प्रेम सुराना ने बताया कि उनकी बेटी शादी से पहले रुचिरा सुराना नाम लिखती थीं। पति राजकुमार सावलानी अलग बिजनेस करते हैं।राजकुमार ने बताया कि शुभांगना कई दिनों से डिप्रेशन में थीं। उनके मुताबिक संभवत: शुभांगना अपने काम को लेकर परेशान थीं।

1) आवाज नौकरानी को क्यों नहीं सुनाई दी ?

शुभांगना की बॉडी सी-स्कीम गोखले मार्ग स्थित बंगले पर सुबह करीब 6 बजे फंदे से लटकती मिली। उस समय शुभांगना ने जींस, टॉप पहन रखे थे। साथ ही पूरी ज्वैलरी पहन रखी थी। जबकि शुभांगना शाम को आॅफिस से घर आने के बाद घर के कपड़े पहन लेती थी।

2) रात को उसने जींस-टॉप और ज्वैलरी क्यों पहनी ?

शुभांगना के गले पर फंदे का निशान ‘ओ’ शेप में बना है यानी हर तरफ समान। ऐसा निशान गला घोंटने की स्थिति में ही बनता है। जबकि फंदे से लटकने की स्थिति में निशान ‘वी’ शेप का बनता है, यानी आगे की ओर नीचे और गर्दन से ऊंचाई की ओर।

3) फंदे से लटकती मिली शुभांगना के गले पर निशान गला घोंटने के कैसे आए ?

नौकरानी का कहना है कि वह शुक्रवार रात खाना खाकर सो गई थी। घटना का पता उसे तब चला जब वह सुबह चाय लेकर आई। जबकि आसपास रहने वालों ने रात करीब 3 बजे परिवार वालों के चिल्लाने की आवाज सुनने की बात कही।

4) नौकरानी को चिल्लाने की आवाज क्यों नहीं सुनाई दी ?

बंगले में केवल तीन लोग रहते हैं। शुभांगना, उनका बेटा मिहिर और काम करने वाली बाई। बाई के मुताबिक, न कोई आया और न ही कोई बाहर गया। जबकि बंगले में एक पीछे का गेट भी है, जिससे कोई भी आ सकता है।

5) नौकरानी को किसी के आने का पता क्यों नहीं चला ?

सीतापुरा स्थित कॉलेज और सी-स्कीम स्थित बंगले पर शुभांगना ने पति राजकुमार के आने-जाने पर एक साल पहले ही रोक लगा दी थी। इसके बाद एक साल में राजकुमार पिछले 7 दिनों में 2 बार कॉलेज गया। जिस दिन सुबह शुभांगना फंदे से लटकी मिली उस रात राजकुमार की रात 10:06 बजे आने की एंट्री है और सुबह 7:02 मिनट पर बाहर जाने की एंट्री है। इससे पहले राजकुमार 22 अगस्त को कुछ घंटे के लिए आए थे। परिजन का कहना है कि अपनी मौजूदगी कहीं और दिखाने के लिए राजकुमार ने एंट्री करवाई।

6) शुभांगना अचानक राजकुमार से बात क्यों करेगी ?

शुभांगना की रात करीब साढ़े दस बजे और सुबह करीब चार बजे आधे-आधे घंटे पति राजकुमार से बातचीत हुई है। जबकि दोनों के बीच तलाक का केस चल रहा है, बातचीत बंद है।

# सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग

 

जशोदादेवी एजुकेशन ग्रुप की चेयरपर्सन शुभांगना की मौत ने पुलिस को पसोपेश में डाल दिया है। पुलिस भले ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार इसे आत्महत्या का केस मान रही है, लेकिन हत्या से भी इनकार नहीं कर रही है। ऐसे में पुलिस कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरे घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी जाएगी।



Author : Super

All Comments.