Q


Complete post

नर्इ दिल्‍ली. भारत और चीन के बीच सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में लगभग तीन महीने से चला आ रहा गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। भारत और चीन डोकलाम से...

Read more at: https://money.bhaskar.com/news/MON-MARK-STMF-know-why-china-forced-to-retreat-on-doklam-5680653-PHO.html?ref=cppst

भारत और चीन के बीच सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में लगभग तीन महीने से चला आ रहा गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। इसे भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है। इस विवाद को लेकर चीन लगातार भारत को युद्ध की धमकी दे रहा था। इस दौरान भारत ने चीन को बेहद खामोशी से शानदार स्‍ट्रैटजी के तहत जवाब दिया। चीन के पीछे हटने की वजह - एंटी-डंपिंग ड्यूटी से भड़का ,दरअसल, सरकार ने चीन से इंपोर्ट होने वाले 93 अहम प्रोडक्ट्स पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा दी है, जिससे चीन बैकफुट पर आ गया है। हाल ही में चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स में छपे एक लेख में चीन का दर्द भी दिखा। चीन ने मोदी सरकार के इस कदम को काफी गलत बताया था। लेख में लिखा गया कि चीन को अब भारत में निवेश करने के खतरों के बारे में भी सोचने की जरूरत है। एंटी–डंपिंग ड्यूटी लगने के बाद चीन से इंपोर्ट होने वाले प्रोडक्‍ट में गिरावट भी देखने को मिल रही है। चाइनीज प्रोडक्‍ट के बायकॉट का असर पिछले दिनों चाइना डेली के एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन के प्रोडक्‍ट्स का बायकॉट कर भारत लगातार व्‍यापार को नुकसान . रिपोर्ट में कहा गया है कि स्‍थानीय लोगों को चाइना प्रोडक्‍ट बायकॉट करने का सपोर्ट भी मिल रहा है। उसने भारत को कहा कि इसका परिणाम भारतीय इकोनॉमी को भुगतना होगा। वहीं ग्‍लोबल टाइम्‍स ने भी अपने देश के वहीं ग्‍लोबल टाइम्‍स ने भी अपने देश के व्‍यापारियों को भारत में सचेत रहने की नसीहत दी थी। एंटी डंपिग जांच का भी नुकसान चीन ने पिछले दिनों भारत की तरफ से एंटी डंपिग जांच शुरू किए जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी . दरअसल, भारत ने फोटोवोल्टिक सेल्‍स के आयात पर एंटी डंपिंग जांच शुरू करने का ऐलान किया था। भारत का मानना है कि चीन गलत तरीके से भारत को इसका निर्यात करता है, जिससे भारत के कारोबारी हित प्रभावित हो रहे हैं। वहीं भारत सरकार के इस फैसले पर चीन ने ट्रेड रूल तोड़ने का आरोप लगाया।
वन बेल्‍ट वन रोड का निकाला काट कारोबार में भारत को मात देने के लि‍ए चीन ने वन बेल्‍ट वन रोड का मेगा प्रोजेक्‍ट शुरू कि‍या, जि‍सकी काट के तौर पर भारत और जापान ने एशि‍या अफ्रीका ग्रोथ कॉरि‍डोर (AAGC) पर काम शुरू कर दि‍या है। भारत और जापान चीन के मेगा प्रोजेक्‍ट का पहले ही बायकॉट कर चुके हैं। इस दि‍शा में दोनों देशों के बढ़ते कदमों से झल्‍लाए चीन पिछले दिनों भारत और जापान को धमकी दे चुका है। मोबाइल कंपनियों से सवाल हाल ही में केंद्र सरकार ने देश के नागरिकों की प्राइवेसी को लेकर चिंता जताई । इसी कड़ी में सरकार ने स्‍मार्टफोन कंपनियों को  उनकी तरफ से यूजर्स की प्राइवेसी और डाटा सेफ्टी के लिए किए जाने वाले इंतजामों के बारे में पूछा है। सरकार की तरफ से जिन मोबाइल कंपनियों को यह डायरेक्टिव  जारी किया गया है, उसमें ज्‍यादातर चीनी कंपनियां शामिल हैं। चीन की स्‍मार्टफोन कंपनियों का भारत में 50 फीसदी से ज्‍यादा मार्केट है।

इलेक्‍ट्रॉनिक सामानों के एक्‍सपोर्ट पर फिर से विचार भारत में इलेक्‍ट्रॉनिक से जुड़े ज्‍यादातर सामान चीन से आते हैं। इस सेक्‍टर पर अब भी पूरी तरह से चीनी कंपनियों का कब्‍जा है। लेकिन अपने पॉवर प्‍लांट और स्‍मार्ट ग्रिड सिस्‍टम को साइबर हमलों से बचाने के लिए सरकार इस सेगमेंट से जुडे नियम कड़े करने पर विचार कर रही है। इसके चलते चीनी कंपनियों के लिए सप्‍लाई मुश्किल हो सकती है। भारत का साफ कहना है कि यह किसी देश के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन देशों के खिलाफ है जो लोग हमारे सिस्‍टम को नुकसान पहुंचा रहे हैं।... पॉवर ट्रांसमिशन के नियमों में बदलाव - सरकार ने अभी तक सस्‍ते चीनी इलेक्‍ट्रॉनिक सामानों की मदद से देश के कई हिस्‍सों में बिजली पहुंचाने का काम किया। हालांकि सिक्‍युरिटी से जुड़ी चिंताओं के चलते अब वह अपने कानून में बदलाव करने जा रही है। इसके चलते न सिर्फ ट्रांसमिशन से जुड़ी इंडस्‍ट्री को बढ़ावा मिलेगा बल्कि चीनी कंपनियों का दखल भी कम होगा।



Author : Super

All Comments.