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सात हजार भारतीयों को निकाल सकता है US, ट्रम्प ने ओबामा का फैसला पलटा :

डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को ओबामा का एक और फैसला पलट दिया। बचपन में अवैध तरीके से अमेरिका ले जाए गए प्रवासियों को देश निकाले से अस्थायी राहत देने वाला डीएसीए (डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल) प्रोग्राम रद्द कर दिया। इससे करीब 8 लाख अवैध युवा इमिग्रेंटेस पर देश निकाले की तलवार लटक गई है। इनमें करीब 7 हजार लोग भारतीय मूल के हैं। ट्रम्प के इस फैसले का देशभर में विरोध भी शुरू हो गया है।

व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन...

व्हाइट हाउस के बाहर सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। डीएसीए प्रोग्राम ओबामा प्रशासन ने 2012 में लागू किया था। इसे रद्द करने की घोषणा करते हुए अमेरिका के अटॉर्नी जनरल जेस सेशन्स ने कहा, "डीएसीए अनकॉस्टिट्यूशनल था। इसने हजारों अमेरिकियों से नौकरी के मौके छीनकर अवैध प्रवासियों को दे दिए। मनमर्जी से घुसे किसी भी व्यक्ति को यहां नहीं रख सकते।"

तुरंत कोई डिपोर्ट नहीं होगा-
इस फैसले का तुरंत कोई असर नहीं दिखेगा। गृह विभाग को धीरे-धीरे सबकी राहत खत्म करने को कहा गया है। अब राहत के चाहने वाले अवैध इमिग्रेंट्स डीएसीए के तहत अप्लाई नहीं कर पाएंगे।पहले से राहत पा चुके लोगों की फैसिलिटी जारी रहेगी। परमिट खत्म होने तक वह काम कर सकेंगे। उन्हें मिला संरक्षण अगर अगले साल 5 मार्च से पहले खत्म हो रहा है तो 5 अक्टूबर तक इसे आखिरी बार रिन्यू करवा सकेंगे। लेकिन अगर यह 6 मार्च को खत्म हो रहा है तो रिन्यू नहीं होगा।

 



Author : Super

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