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नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने शुक्रवार को कार्यभार संभाल लिया। रिसर्चर के रूप में तत्कालीन योजना आयोग से काम करने वाले और दुनिया के जाने-माने इकोनॉमिस्ट में शुमार राजीव कुमार ने इंडस्ट्रियल ऑर्गनाइजेशंस फिक्की, सीआईआई से लेकर एशियन डेवलपमेंट बैंक तक में काम किया है। इंडियन इकोनॉमी और सुरक्षा पर कई किताब लिख चुके हैं। उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से पीएचडी और आॅक्सफोर्ड से डीफिल किया है। कुमार ने कहा कि बैंकों में 99% नोट वापस आने पर उनका मत ये है कि यह डिमॉनेटाइजेशन नहीं बल्कि पैसों का री-मॉनेटाइजेशन है।

सोचा नहीं था कि यहां तक का सफर करूंगा

राजीव कुमार ने कहा कि नीति आयोग की जिम्मेदारी मिलना किसी भी अर्थशास्त्री का सपना होता है। मैं 1975 में पीएचडी के दौरान यहां की लाइब्रेरी में रिसर्च के लिए आता था। तब सोचा भी नहीं था कि यहां तक का सफर पूरा करूंगा। प्रधानमंत्री मोदी ने जिस ध्येय के साथ इसका नाम नीति आयोग रखा है, उस बदलाव के लिए पूरी मेहनत करूंगा।"यह आयोग सबकी आवाज बने ये जरूरी है। इसके लिए सभी राज्यों के वर्ग बनाएंगे। मसलन पहाड़ी राज्य, पूर्वोत्तर राज्य। राज्यों का वर्ग बनाकर कर उनकी समान और एकल जरूरतों के मुताबिक कदम उठाया जाएगा।" सबसे अहम है किसानों की आय दोगुनी करना। मैं आयोग के हर कर्मचारी से मिलूंगा और उनकी राय भी शामिल करूंगा। जीडीपी ग्रोथ रेट 5.7% रहने पर कहा जा रहा है कि इसकी वजह डिमॉनेटाइजेशन है। पर यह सही नहीं है। इसके कई कारण हैं। मसलन होलसेल प्राइज इंडेक्स का बढ़ना, जीएसटी से पहले कंपनियों द्वारा डिस्काउंट पर माल बेचना। डिमॉनेटाइजेशन का असर नवंबर नवरी तक तो था, पर अप्रैल से पहले इसका असर खत्म हो गया था।

देश के विकास में होगा पैसे का इस्तेमाल
राजीव कुमार ने कहा कि अब इस पैसे का इस्तेमाल विकास के कामों में होगा। इस प्रक्रिया का असली उददेश्य भी यही था।देश में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है। आने वाली तिमाही में विकास दर 7% से 7.5% तक रहेगी। कंपनियों की ओर से नए आईपीओ आ रहे हैं। यह बताता है कि देश में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है। भरोसा बढ़ा है।
एफआईआई और एफडीआई भी बेहतर हो रहा है। रोजगार निश्चित तौर पर अहम मसला है। कई पंरपरांगत क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नौकरियां उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इनमें हथकरघा, टेक्सटाइल, पर्यटन, हॉस्पिटेलिटी और एग्रो प्रोडेक्ट शामिल हैं। इसी तरह टेक्नोलॉजी के नए स्वरूप सामने आने के बाद ई-कॉमर्स क्षेत्र में रोजगार सृजित हो रहे हैं। कार्गो और सामान वितरण के क्षेत्र में भी नौकरियों का सृजन हुआ है। जरूरत यह भी है कि नए अवसर वाले क्षेत्रों में इंटर्नशिप बढ़ाने पर विचार किया जाए। जॉब या नौकरी के डेटा के मामले में कमेटी भी बनी हुई है। हालांकि अभी मैंने इसकी कोई रिपोर्ट नहीं देखी है। इसलिए ज्यादा कुछ कहना अनुचित होगा। किसानों की आय दोगुना करने और उनकी समस्याओं के मूल में जाने के लिए हम कदम बढ़ा रहे हैं। इसे और तेज करेंगे। समस्या की असली वजह क्या है और कहां केंद्रित है, इस पर समग्र काम करना होगा। किसानों की ऋण माफी योजना हो या फिर उनकी दूसरी समस्या हो, देखना होगा कि यह अब तक क्यों बनी हुई हैं।

पीएम के सपनों को पूरा करेंगे

नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष कुमार बोले, वैज्ञानिक आधार पर इसकी समीक्षा करनी होगी। इसके लिए हमें देश के सभी वर्गो और लोगों की आवाज के रूप में इस संस्था को विकसित करना होगा। मैं उस दिशा में काम करूंगा। हमारे सदस्यों और सीईओ की बेहतर टीम यहां पर है। सभी अपने क्षेत्रों में विशिष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति के तौर पर पहचान रखते हैं।मुझे उम्मीद है कि हम ‘टीम नीति’ के रूप में प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने में अपना सर्वोत्तम दे पाएंगे।

 



Author : Super

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